Sunday, February 5, 2023

Breaking News

   Supreme Court: कलेजियम की सिफारिशों को रोके रखना लोकतंत्र के लिए घातक: जस्टिस नरीमन     ||   Ghaziabad: NGT के फैसले पर नगर निगम को SC की फटकार, 1 करोड़ जमा कराने की शर्त पर वूसली कार्रवाई से राहत     ||   दिल्लीः फ्लाइट में स्पाइसजेट की क्रू के साथ अभद्रता के मामले में एक्शन, आरोपी गिरफ्तार     ||   मोरबी ब्रिज हादसा: ओरेवा ग्रुप के मालिक जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी     ||   भारत जोड़ो यात्राः राहुल गांधी बोले- हम चाहते हैं कि बहाल हो जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा     ||   MP में नहीं माने बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच, 'पठान' की रिलीज के विरोध का किया ऐलान     ||   समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या पर लखनऊ में FIR     ||   बजरंग पुनिया बोले - Oversight Committee बनाने से पहले हम से कोई परामर्श नहीं किया गया     ||   यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे की वजह से 15 दिसंबर से स्पीड लिमिट कम कर दी जाएगी     ||   भारत की यात्रा करने वाले ब्रिटेन के नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा फिर से शुरू     ||

भारत सरकार ने भेजा पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल जरदारी को निमंत्रण , PM मोदी के खिलाफ की थी विवादित टिप्पणी 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
भारत सरकार ने भेजा पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल जरदारी को निमंत्रण , PM मोदी के खिलाफ की थी विवादित टिप्पणी 

न्यूज डेस्क । शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत सरकार ने सहयोगी देशों के साथ पाकिस्तान को भी न्योता भेजा है । पाकिस्तान विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को भेजे गए निमंत्रण के बाद अब इस बात की चर्चा हो रही है कि वह इस बैठक में शामिल होने भारत आएंगे भी या नहीं । ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पिछले दिनों बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के लिए विवादित टिप्पणी की थी । बावजूद इसके भारत सरकार ने गोवा में होने वाले SCO Summit 2023 के लिए अन्य देशों की तरह पाकिस्तान को भी निमंत्रण  भेजा है । 

4-5 मई को होगी बैठक

बता दें कि  शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक  4 और 5 मई को हो सकती है । विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी को बैठक के लिए मई के पहले सप्ताह में गोवा आने का निमंत्रण भेजा गया है ।  दिलचस्प बात है कि अगर पाकिस्तान न्योता स्वीकार करता है तो यह लगभग 12 वर्षों में इस तरह की पहली यात्रा होगी । हिना रब्बानी खार जुलाई 2011 में भारत आने वाली अंतिम पाकिस्तानी विदेश मंत्री थीं ।

बदली बदली है हवाएं

इन दिनों भारत और पाकिस्तान के सियासती लोगों के बीच बयान कुछ दूसरे ही स्तर के नजर आ रहे हैं । पिछले दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कहते नजर आए कि अब वह भारत के साथ बातचीत चाहते हैं । वह अपने एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि तीन युद्धों ने उनके यह सबक सीखा दिया है कि अब युद्ध से कुछ नहीं होगा । यह हमारे ऊपर है कि हम शांति से रहें और प्रगति करें या आपस में झगड़ें और समय और संसाधनों को बर्बाद करें. भारत के साथ हमारे तीन युद्ध हुए हैं और ये लोगों के लिए और अधिक दुख, गरीबी और बेरोजगारी ही लाए हैं । हमने अपना सबक सीख लिया है और हम शांति से रहना चाहते हैं बशर्ते हम अपनी वास्तविक समस्याओं को हल करने में सक्षम हों ।  गोला-बारूद, यही संदेश मैं प्रधानमंत्री मोदी को देना चाहता हूं । 


चीन और रूस को भी निमंत्रण

बहरहाल , SCO में भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं । इसी तरह का निमंत्रण मध्य एशियाई देशों के साथ चीन और रूस के विदेश मंत्रियों को भी भेजा गया है ।  हालांकि, द्विपक्षीय संबंधों में अब तक के सबसे निचले स्तर को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री को भारत का निमंत्रण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है । 

पिछले साल संभाली है अध्यक्षता

बता दें भारत ने पिछले साल सितंबर में 9 सदस्यीय मेगा ग्रुप की अध्यक्षता संभाली थी । इस साल प्रमुख मंत्रिस्तरीय बैठकें और शिखर सम्मेलन भारती में आयोजित की जाएंगी ।  सूत्रों ने कहा, 'अभी तक पाकिस्तानी पक्ष की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि विदेश मंत्री बिलावल बैठक में शामिल होंगे या नहीं । 

 

Todays Beets: