Saturday, May 30, 2020

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RBI गवर्नर का ''राहत पैकेज'- लोन की किश्त देने के लिए फिर मिली 3 माह की छूट , रेपो रेट में .4 की कटौती , सस्ती होगी EMI

अंग्वाल न्यूज डेस्क
RBI गवर्नर का

नई दिल्ली । कोरोना काल के बीच एक बार फिर से शुक्रवार सुबह आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक बार फिर से रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया ।आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पिछले तीन दिन में एमपीसी ने घरेलू और ग्लोबल माहौल की समीक्षा की गई है । वहीं पिछले कुछ समय से लगातार हो रही इस कटौती के बाद अब आरबीआई गवर्नर ने रेपो रेट में .4 की कटौता का ऐलान किया, जिसके बाद अब रेपो रेट 4.40 फीसदी से घटकर 4 फीसदी हो गई है । इसके साथ ही लोन की किस्‍त देने पर 3 महीने की अतिरिक्‍त छूट दी गई है । इसका सीधा मतलब यह है कि अब बैंक आपसे अगले तीन महीने तक आपकी किश्त को लेकर कोई दबाव नहीं डाल सकता । 

विदित हो कि आरबीआई ने देश में कोरोनाकाल के दौरान जारी लॉकडाउन में  दूसरी बार रेपो रेट में कटौती की है । इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया था, जिसके बाद बैंकों ने लोन पर ब्‍याज दर कम की थी । रेपो रेट घटने से जहां लोगों की ईएमआई में कमी आई है , वहीं आरबीआई ने अपनी लोन की किश्त देने से चूकने वाले लोगों के लिए 3 महने की अतिरिक्त छूट दी है । 

बता दें कि आरबीआई ने लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में बड़ा ऐलान करते हुए बैंकों से 3 महीने के लिए लोन और ईएमआई पर छूट देने को कहा था । इसके बाद अधिकतर बैंकों ने इसे 3 महीने के लिए लागू कर दिया था । अब आरबीआई के नए 3 महीनों के लिए मोहलत के ऐलान के बाद ग्राहकों को कुल 6 महीने की छूट मिल जाएगी । मतलब ये कि आप कुल 6 महीने तक लोन की ईएमआई नहीं देना चाहते हैं तो बैंकों की ओर से कोई दबाव नहीं पड़ेगा । ऐसी स्थिति में बैंक से लोन लेने वाले लोगों को डिफॉल्‍टर घोषित नहीं किया जाएगा । 


इसी क्रम में उन्होंने कई अन्य ऐलान किए, जिसमें उन्होंने कहा कि पहली छमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 2020-21 में निगेटिव रहेगी. हालांकि साल के दूसरे हिस्से में ग्रोथ में कुछ तेजी दिख सकती है । उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से ​आर्थिक गति​विधियों में भारी गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही छह बड़े औद्योगिक राज्यों में ज्यादातर रेड जोन रहे। उन्होंने कहा कि - मार्च में कैपिटल गुड्स के उत्पादन में 36 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है । उन्होंने बताया कि कंज्यूमर ड्यूरेबल के उत्पादन में 33 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है । उन्होंने जानकारी दी कि औद्योगिक उत्पादन में मार्च में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है , जबकि - मैन्युफैक्चरिंग में 21 फीसदी की गिरावट. कोर इंडस्ट्रीज के आउटपुट में 6.5 फीसदी की कमी आई है। 

इसी क्रम में खाद्य महंगाई फिर अप्रैल में बढ़कर 8.6 फीसदी हो गई है । 2020-21 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई । भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 बिलियन डॉलर का है । 

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