Friday, August 23, 2019

Breaking News

   Parle में छंटनी का संकट: मयंक शाह बोले- सरकार से अहसान नहीं मांग रहे     ||   ILFS लोन मामले में MNS प्रमुख राज ठाकरे से ED की पूछताछ    ||   दिल्ली: प्रगति मैदान के पास निर्माणाधीन इमारत में लगी आग    ||   मध्य प्रदेश: टेरर फंडिंग मामले में 5 हिरासत में, जांच जारी     ||   जिन्होंने 72 हजार देने का वादा किया था, वे 72 सीटें भी नहीं जीत पाए : मोदी     ||   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को दिन में 11 बजे करेंगे मन की बात     ||   कोलकाता के पूर्व मेयर और TMC विधायक शोभन चटर्जी, बैसाखी बनर्जी BJP में शामिल     ||   गुजरात में बड़ा हमला कर सकते हैं आतंकी, सुरक्षा एजेंसियों का राज्य पुलिस को अलर्ट     ||   अयोध्या केस: मध्यस्थता की कोशिश खत्म, कल सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई     ||   पोंजी घोटाला: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी मंसूर खान     ||

सुप्रीम कोर्ट का विपक्ष को बड़ा झटका , VVPAT पर 21 दलों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर CJI बोले- एक ही मामले को बार-बार क्यों सुनें

अंग्वाल संवाददाता
सुप्रीम कोर्ट का विपक्ष को बड़ा झटका , VVPAT पर 21 दलों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर CJI बोले- एक ही मामले को बार-बार क्यों सुनें

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विपक्षी दलों की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है , जिसमें उन्होंने 25 फीसदी VVPAT का मिलान EVM से करने की मांग की थी । सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करने के साथ ही कहा कि आखिर एक ही मामले को बार बार क्यों सुना जाए । कोर्ट में वीवीपैट का मिलान ईवीएम से करने संबंधी पुनर्विचार याचिका को दाखिल करते हुए कांग्रेसी नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंधवी ने याचिका में कहा था कि कोर्ट व्यवस्था दे कि 50 फीसदी नहीं तो कम से कम 25 फीसदी VVPAT का मिलान ईवीएम से किया जाएगा । इस याचिका को लेकर चंद्रबाबू नायडू , डी राजा और फारुख अब्दुल्ला कोर्ट में मौजूद थे ।

विदित हो कि लोकसभा चुनावों में ईवीएण कऔर वीवीपैट पर्चियों का मिलान को लेकर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने 21 दलों की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कांग्रेस - टीडीपी समेत 21 दलों ने मांग की थी कि अगर कोर्ट 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान ईवीएम से नहीं करवाना चाहता तो वह चुनाव आयोग को आदेश दे कि वह 25 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान ही EVM से करे ।

इस याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ कहा कि वह बार-बार इस मामले को क्यों सुनें। उन्होंने साफ किया कि वह इस मामले में दखलअंदाजी नहीं करना चाहते हैं ।


बता दें कि पिछले महीने ही शीर्ष अदालत ने अपने एक फैसले में हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच बूथ के ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के औचक मिलान करने को कहा था । आयोग ने इसे माल लिया है ।

 

Todays Beets: