Thursday, June 27, 2019

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नोटबंदी के बाद अब मोदी सरकार नकद निकासी रोकने के लिए लगाई BCTT टैक्स

अंग्वाल न्यूज डेस्क
नोटबंदी के बाद अब मोदी सरकार नकद निकासी रोकने के लिए लगाई BCTT टैक्स

नई दिल्ली । केंद्र में एक बार फिर से मोदी सरकार के आने के बाद अब देशवासियों ने संभावना जताई है कि वह कालेधन पर अंकुश लगाने की अपनी कवायत को गति देगी । वह देशवासियों ने इस बार पीएम मोदी से आर्थिक सुधारों को लेकर कदम उठाने के लिए भी कहा है । इस सब के बीच खबर है कि देश में ब्लैकमनी पर प्रतिबंध लगाने के लिए नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक फैसला लेने वाली मोदी सरकार अपने दूसर कार्यकाल में कालेधन पर अंकुश के लिए एक ओर बड़ा कदम उठा सकती है । मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक , इस बार मोदी सरकार काले धन पर अंकुश के लिए सरकार बैंकिंग कैश ट्रांजैक्शन टैक्स (BCTT) यानी नकद निकासी पर टैक्स को फिर से लागू करेगी । ऐसा कहा जा रहा है कि एनडीए 2 में वित्तमंत्री के पहले फैसलों में यह एक हो सकता है ।

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अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टेंडर्ड में अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा कि देश में आर्थिक सुधार की दिशा में कदम उठाने के लिए कुछ ठोस फैसले लेने पर विचार चल रहा है । रिपोर्ट के मुताबिक , देश में नकद निकासी को कम करने के लिए बीसीटीटी लगाया जा सकता है । इसके अलावा विरासत की संपत्त‍ि पर एस्टेट टैक्स लगाने पर भी विचार किया जा रहा है । रिपोर्ट के अनुसार , संबंधित विभाग इसकी संभावनाओं को लेकर मंथन कर रहे हैं। संबंधित विभाग इस बात को लेकर चर्चा कर रही है कि आखिर यह टैक्स कितना प्रभावी होगा ।

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बता दें कि इस तरह का टैक्स बहुत मामूली होता है । असल में सरकार का उद्देश्य इसके द्वारा कमाई करने की नहीं, बल्कि नकदी के रूप में काले धन पर अंकुश लगाने की हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा ।


विदित हो कि देश में कैश ट्रांजैक्शन टैक्स सबसे पहले यूपीए प्रथम सरकार के वित्त मंत्री पी चिदम्बरम लेकर आए थे। उस दौरान 50 हजार रुपये की निकासी पर 1 फीसदी BCTT लगाया गया था । यह टैक्स बहुत मामूली था और खास बात कि यह सेविंग खाते से निकासी पर नहीं लगता था । तत्कालीन मनमोहन सरकार को वर्ष 2005 से  09 के बीच बीसीटीटी से 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ था । मनमोहन सरकार ने इसे 1 जून को लागू किया था और 1 अप्रैल, 2009 को हटा लिया गया ।

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