Sunday, July 21, 2019

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बिहार में भाजपा के दबाव में जदयू ने नहीं जारी किया अपना घोषणपत्र , ये है असली कारण

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बिहार में भाजपा के दबाव में जदयू ने नहीं जारी किया अपना घोषणपत्र , ये है असली कारण

पटना । लोकसभा चुनावों में तीन चरण का मतदान हो चुका है । अभी 4 चरणों में चुनाव होने बाकि हैं, जिसमें बिहार की सीटों पर भी आने वाले चरणों में मतदान होगा । इस सब के बीच चर्चा है कि बिहार की सत्ता पर काबिज जनता दल यूनाइटेड (जदयू) लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा के दबाव में है । यही कारण है कि अब तक जदयू ने अपने घोषणापत्र तक जारी नहीं किया है । बिहार में सोमवार को चौथे चरण के मतदान के तहत भी कुछ सीटों पर मतदान होगा लेकिन विपक्षी दलों के नेता जदयू द्वारा घोषणापत्र जारी नहीं किए जाने को लेकर भी मुद्दा बना रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस सब के पीछ जदयू-भाजपा का गठबंधन भी आड़े आ रहे है, क्योंकि कई मुद्दों पर दोनों की अलग अलग राय है , जिसे लेकर जदयू अपने घोषणापत्र में इनका जिक्र करके विपक्षी दलों को हमले का कोई मौका नहीं देना चाहती ।

बता दें कि सोमवार को लोकसभा चुनावों का चौथा चरण है । बिहार में भी कुछ सीटों पर सोमवार को वोटिंग होगी । लेकिन इससे पहले राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी जदयू ने अभी तक लोकसभा चुनावों को लेकर अपना कोई घोषणापत्र जारी नहीं किया है । वर्ष 2003 में पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद से यह पहला मौका है जब पार्टी ने चुनावों के मद्देनजर अपना कोई घोषणापत्र जारी नहीं किया हो ।

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इस सब के पीछे जदयू की मजबूरी बताई जा रही है । असल में 14 अप्रैल को जदयू के अपना 'निश्चय पत्र' रिलीज करने की खबरें आईं , लेकिन पार्टी नेताओं ने चिंता जताई कि अगर वह अपने घोषणापत्र में देश के कई अहम मुद्दों पर पार्टी की राय को सामने रखते हैं तो इससे उनके और भाजपा के विचारों में मतभेद उभर आएंगे । असल में जदयू की राय आर्टिकल 370, आर्टिकल 35ए, यूनिफॉर्म सिविल कोड और राम मंदिर पर भाजपा से अलग है। ऐसे में अगर जदयू अपना घोषणापत्र जारी कर इन बातों पर अपनी राय जनता के सामने रखती है तो भाजपा और जदयू के गठबंधन को काफी नुकसान होगा । यही कारण है कि अभी तक जदयू अपना घोषणापत्र जारी करने से बचती आ रही है ।

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इस पूरे मामले में जदयू के कुछ नेताओँ का कहना है कि इस बार पार्टी को अपना घोषणापत्र जारी करने की जरूरत ही नहीं है ।  जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण ने कहा कि वे अगले हफ्ते तक मैनिफेस्टो जारी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में घोषणा पत्र तैयार करनेवाली कमेटी की मीटिंग भी हुई थी। इसमें सीनियर नेता के सी त्यागी, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन वर्मा आदि शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन कहते हैं कि लोगों को

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नीतीश कुमार पर भरोसा है और लोग विकास के नाम पर एनडीए को वोट देंगे और ऐसे में घोषणा पत्र कोई मायने नहीं रखता।

 

 

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