Thursday, December 12, 2019

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LIVE - JNU छात्रों - पुलिस के बीच फिर टकराव , धारा 144 तोड़ते हुए छात्र संसद की ओर बढ़ने पर अड़े

अंग्वाल संवाददाता
LIVE - JNU छात्रों - पुलिस के बीच फिर टकराव , धारा 144 तोड़ते हुए छात्र संसद की ओर बढ़ने पर अड़े

नई दिल्ली । जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फीसवृद्धि और नये हॉस्टल नियमों का विवाद सोमवार को फिर गर्मा गया है । जेएनयू छात्रसंघ के साथ कई अन्य कॉलेजों के छात्र हजारों की संख्या में सोमवार सुबह पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए संसद भवन की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि इस दौरान धारा 144 लगी हुई है । इस दौरान पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन सभी को मंडी हाउस से आगे नहीं जाने दिया जाएगा । प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वह पुलिस की बैरिकेडिंग को आगे भी तोड़ेगे और संसद में मौजूद मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचाएंगे । वहीं पुलिस भी पूरी मुस्तैदी से तैनात नजर आ रहे हैं, जिनका छात्रों के साथ टकराव होने की आशंका जताई जा रही है । छात्रों को बैरिकेडिंग तोड़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन को रखा गया है । इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हंगामा बढ़ता जा रहा है। छात्र जहां बैरिकेडिंग तोड़ने में जुटे हेैं , वहीं पुलिस छात्रों को किसी तरह का नियम न तोड़ने की चेतावनी दे रही है । साथ ही शांति की अपील की जा रही है।

इस दौरान छात्रों को रोकने के लिए महिला पुलिस बल को भी तैनात किया गया है ताकि छात्र उनके साथ अभ्रदता न करते हुए आगे बढ़ने से बचेंगे , लेकिन छात्र बैरिकेड़िंग तोड़ने में जुटे हैं । इस सब के बीच माहौल तनावपूर्ण हैं। वाटर कैनन को तैयार कर दिया गया है।

इससे पहले जेएनयू परिसर से छात्र लांग मार्च टू पार्लियामेंट निकालने की तैयारी करने के दौरान 'टू सेव पब्लिक एजुकेशन' का नारा लेकर छात्र कैंपस से मार्च निकालते दिखे । वहीं पुलिस प्रशासन ने पूरे कैंपस को छावनी में बदल दिया गया ।

बता दें कि जेएनयू छात्र बढ़ी हॉस्टल फीस के विरोध में जेएनयू से संसद तक मार्च निकाल रहे हैं ।  सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने 9 कंपनी फ़ोर्स लगाई है जिसमें पैरा मिलिट्री फ़ोर्स शामिल है । इसके लिए करीब 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए है जिनमे दिल्ली पुलिस भी शामिल है. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये गए है । 

वहीं जेएनयू प्रशासन ने लिखित तौर पर दिल्ली पुलिस को 11 नवंबर को हुए प्रोटेस्ट में कथित तोड़फोड़ की शिकायत कर दी है. चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर की तरफ से ये शिकायत की गई है. बता दें कि 11 नवंबर के दिन छात्रों ने फीसवृद्धि के खिलाफ एआईसीटीई बिल्‍डिंग के बाहर प्रदर्शन और फिर जेएनयू एडमिन ब्लॉक का कथित घेराव किया था>

जिन छात्रों के खिलाफ ये शिकायत की गई है, वो पहला नाम आइश घोष का है, जो कि जेएनयूएसयू प्रेसीडेंट हैं । दूसरा नाम साकेत मून डीएसएफ, सारिका चौधरी पूर्व वाइस प्रेसीडेंट जेएनयू छात्रसंघ, अपेक्षा BASO, बालाजी AISA,  सतीश चंद्र जनरल सेक्रेटेरी JNUSU, मो दानिश, AISF ज्वाइंट सेक्रेटरी का नाम शामिल है ।

इससे पहले रविवार को केरल से राज्यसभा सांसद ए करीम ने जेएनयू के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस बात पर दुख जताया कि उन्हें जेएनयू कैम्पस में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने से रोक दिया गया । उन्होंने इस बात पर हैरानी जताते हुए कहा कि वो एक सांसद हैं और प्रशासन द्वारा इस तरह के निवेदन से देश के डेमोक्रेटिक कल्चर पर सवाल उठते हैं । मुझे आज प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करना था और इसके लिए मैं दिल्ली भी पहुंच गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हो पाया, लेकिन इन छात्रों को मेरा समर्थन है ।  

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