Tuesday, November 24, 2020

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यूपी शिक्षामित्र की कट ऑफ पर सुप्रीमकोर्ट का फैसला , राज्य सरकार के कट ऑफ को सही ठहराया

अंग्वाल न्यूज डेस्क
यूपी शिक्षामित्र की कट ऑफ पर सुप्रीमकोर्ट का फैसला , राज्य सरकार के कट ऑफ को सही ठहराया

लखनऊ । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र भर्ती मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए , राज्य सरकार के कटऑफ को सही करार दिया है । सुप्रीम कोर्ट के अऩुसार , कट ऑफ 60 से 65 ही रहेगा. शीर्ष कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि सभी शिक्षा मित्रों को एक मौका और मिलेगा । बता दें कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के 60-65 प्रतिशत कट ऑफ पर कुछ अभ्यर्थियों को असंतोष हुआ , जिसके बाद दो गुट सामने आए थे, जिनमें से एक शिक्षामित्रों और दूसरा बीएड-बीटीसी वालों का ग्रुप था । शिक्षामित्र 60-65 प्रतिशत कट ऑफ का विरोध करते हुए हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया था और अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही करार दिया है । 

बता दें कि दिसंबर, 2018 में योगी सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार  सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली । 6 जनवरी 2019 को करीब 4 लाख अभ्यार्थियों ने लिखित परीक्षा दी । एक दिन बाद सरकार की तरफ से कट ऑफ मार्क्स का मानक तय कर दिया । शिक्षक भर्ती में जारी कट ऑफ मार्क्स को लेकर शिक्षामित्रों ने विरोध किया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर फैसला देते हुए कोर्ट ने बढ़े हुए कट ऑफ को अनुमति दे दी है । 

असल में पहले पास होने के लिए आरक्षित वर्ग के लिए 40 और सामान्य वर्ग के 45 प्रतिशत का कट ऑफ तय किया गया था, जिसे इस बार बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 65 और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी कर दिया गया। इसे लेकर एक गुट नाराज हो गया और कोर्ट का रुख किया ।

शिक्षामित्रों के मामले पर 11 जनवरी, 2019 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अपना फैसला सुनाया । योगी सरकार हाईकोर्ट में हार गई । हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती की कट ऑफ को सामान्य वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी तय कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के 40-45 कट ऑफ के ऑर्डर के खिलाफ 22 मई, 2019 को योगी सरकार ने डिविजन बेंच में अपील की । बीएड और बीटीसी वाले कैंडिडेट्स ने भी सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी ।


हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर 22 मई से 19 सितंबर 2019 तक सात बार सुनवाई हुई । इस बीच एक भी बार यूपी सरकार के महाधिवक्ता हाईकोर्ट नहीं आए । इस मामले में जमकर हंगामा भी हुआ । 

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों की अपील पर 9 जून 2020 को शिक्षक भर्ती केस में सुनवाई करते हुए 69000 हजार पदों में से 37339 पदों को होल्ड करने का आदेश दिया । कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी है कि शिक्षामित्रों के कितने अभ्यर्थियों ने अरक्षित वर्ग की 40 और सामान्य वर्ग के 45 फीसदी के कटऑफ पर परीक्षा पास की । इसके बाद 69000 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में 12 अक्टूबर को बेसिक शिक्षा विभाग ने 31661 अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी की थी । सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल की ओर से जारी सूची के आधार पर कहा गया था कि आगे की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होगी । 

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के इस वक्तव्य को भी रिकॉर्ड पर लिया कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्रों को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा । 

 

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