Tuesday, June 25, 2019

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खूबसूरत ‘मासरताल’ बन सकता है पर्यटन का नया मुकाम, 2 अलग रंगों का ताल बना कौतूहल का विषय

अंग्वाल न्यूज डेस्क
खूबसूरत ‘मासरताल’ बन सकता है पर्यटन का नया मुकाम, 2 अलग रंगों का ताल बना कौतूहल का विषय

देहरादून। उत्तराखंड को कुदरत ने बेपनाह खूबसूरती बख्शी है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को अपनी यादों में बसा लेने के लिए दुनिया भर से सैलानी आते हैं। केदारनाथ के पैदल कांवड़ यात्रा मार्ग में पड़ने वाला मासरताल भी एक ऐसा ही खूबसूरत स्थल है। यहां पर थोड़ी ही दूरी पर 2 ताल मौजूद है और दोनों का रंग अलग है। एक का रंग हरा है तो दूसरे का रंग मटमैला है। इस जगह को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए यहां के लोगों ने कई बार यात्रा भी निकाली लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया जा सका है।

गौरतलब है कि केदारनाथ पैदल कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले इन दोनों तालों में से एक की लंबाई करीब 300 मीटर है तो वहीं दूसरे की लंबाई 250 मीटर है। अभी इनकी गहराई के बारे में पता नहीं लग पाया है। यहां आने वाले लोगों को यह बात हैरान करती है जहां इस रास्ते में पानी का कोई श्रोत नहीं है लेकिन यहां मौजूद 2 अलग-अलग रंगों के ताल उन्हें हैरान करता है।

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यहां बता दें कि मासरताल समुद्र तल से करीब 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बेहद ही खूबसूरत है। सड़क के रास्ते से करीब 9 किलोमीटर पैदल चलने के बाद यहां पहुंचा जा सकता है। यहां पहुंचकर पर्यटक प्रकृति के अद्भुत नजारे को देखकर रोमांचित हो उठते हैं। यहां पर काफी संख्या में पर्यटकों के अलावा ट्रैकर भी पहुंचते हैं। इन दोनों तालों के पानी का अलग रंग सैलानियों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। 

गौर करने वाली बात है कि तालों सामने बर्फ से ढंकी पहाड़ी दिखाई देती है। यहां कुछ लोगों ने अपनी छानियां बनाई हुई हैं लेकिन सड़क से दूर होने की वजह से पर्यटन के लिहाज से इसे विकसित नहीं किया जा सका है। 

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