Wednesday, September 19, 2018

Breaking News

   ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम के ठिकानों पर आयकर के छापे     ||   बिहार: पूर्व मंत्री मदन मोहन झा बनाए गए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष। सांसद अखिलेश सिंह बनाए गए अभियान समिति के अध्यक्ष। कौकब कादिरी समेत चार बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष।     ||   कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया    ||   सीतापुर में श्रद्धालुओें से भरी बस खाई में पलटी 26 घायल, 5 की हालत गंभीर     ||   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||

कोर्ट का‘सुप्रीम’आदेश, अब शादियों में होने वाले खर्च का भी देना होगा हिसाब

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कोर्ट का‘सुप्रीम’आदेश, अब शादियों में होने वाले खर्च का भी देना होगा हिसाब

नई दिल्ली। शादियों में दहेज के लेन-देन को रोकने और दहेज कानून के तहत दर्ज होने वाली शिकायतों को रोकने के लिए कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए हैं।  केंद्र को जल्द ही इस पर कानून बनाने के प्रवधान दिया गया है। इसके तहत अब सरकार शादियों में होने वाले खार्चों का हिसाब-किताब बताना अनिवार्य कर सकती है। कोर्ट ने शादियों में होने वाले फिजूल के खर्चों पर अपना सूझाव देते हुए कहा कि शादी में होने वाले फालतू के खर्चों में कटौती कर उसका एक हिस्सा वधु के बैंक खाते में जमा किया जा सकता है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर वो इसका इस्तेमाल कर सके। 

ये भी पढ़े-बेटियों की सुरक्षा पर हरियाणा सरकार सख्त, बुरी नजर वालों की बंद होगी सरकारी सुविधाएं

कोर्ट ने केंद्र से जल्द शदियों में होने वाले खर्चों का हिसाब-किताब बताने और उसे अनिवार्य करने को लेकर विचार कर नियम बनाने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने सुझाव देते हुए कहा कि वर-वधु दोनों पक्षों को शादी पर हुए खर्चों की जानकारी विवाह अधिकारी (मैरिज ऑफिसर) को बताना अनिवार्य होगा। 


दरअसल कोर्ट के ऐसा करने कारण यह है कि अगर शादी में वर-वधु दोनों पक्षों की ओर से हुए खर्च का लेखा-जोखा विवाह अधिकारी के पास मौजूद रहता है तो इससे दहेज प्रताड़ना के तहत दर्ज किए गए मुकदमों में पैसे से जुड़े विवाद को सुलझाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वो जल्द ही ऐसी व्यवस्था लाए, जिससे ये पता लगाया जा सके कि शादी में कोई व्यक्ति कितना खर्च कर रहा है। 

ये भी पढ़े-अब बिना आधार कार्ड के भी ले सकेंगे आयुष्मान योजना का लाभ, जानिए कैसे

गौरतलब है कि कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पर अपनी राय मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार इस पर विचार करे और अपने कानून अधिकारी के जरिए कोर्ट तक अपने विचारों को पहुंचाए। 

Todays Beets: