Wednesday, July 8, 2020

Breaking News

   उत्तराखंड: कोरोना के 46 नए मामले, कुल पॉजिटिव केस हुए 1199     ||   माले: ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत आईएनएस जलश्व से मालदीव में फंसे 700 भारतीय लाए जा रहे वापस     ||   बिहार: ADG लॉ एंड ऑर्डर ने जताई आशंका, प्रवासियों के आने से बढ़ सकता है अपराध     ||   दिल्ली: बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने संभाला अपना पदभार     ||   भोपाल की बडी झील में पलटी आईपीएस अधिकारियों की नाव, कोई जनहानी नहीं    ||   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||

विधि आयोग का सरकार को झटका, कहा- नहीं है समान नागरिक संहिता की जरूरत , शादी के लिए लड़का-लड़की की कानूनी उम्र 18 हो

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विधि आयोग का सरकार को झटका, कहा- नहीं है समान नागरिक संहिता की जरूरत , शादी के लिए लड़का-लड़की की कानूनी उम्र 18 हो

नई दिल्ली । आने वाले समय में संभव है कि देश में महिलाओं और पुरुषों की शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र समान हो सकती है। विधि आयोग ने सरकार को दिए सुझाव में देश में समान नागरिक संहिता की बात कही है। इस दौरान आयोग ने सुझाव दिया है कि देश में महिलाओं और पुरुषों के लिए शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र समान होनी चाहिए। आयोग का कहना है कि भारत में अब दो वयस्कों के बीच शादी की उम्र को अलग-अलग किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। अब लड़का और लड़की की शादी की उम्र समान की जाए। पुरानी व्यवस्था को अब खत्म किया जाए, जिसके तहत लड़की के लिए शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र 18 साल तो लड़के के लिए 21 साल तय है। इस दौरान विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता को लेकर कहा, फिलहाल देश में इसकी जरूरत नहीं है। 

महाराष्ट्र में शिक्षकों ने सरकार के सामने रखी अजीबोगरीब मांग, एक जगह तबादला करोे नहीं तो तलाक दिलाओ

बयान से मोदी सरकार को झटका

आपको बता दें कि समान नागरिक संहिता मोदी सरकार के एजेंडा में शामिल रहा है। ऐसे में आयोग का ये बयान मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका है। समान नागरिक संहिता मोदी सरकार के एजेंडा में शामिल रहा है। ऐसे में आयोग का ये बयान मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका कहा जा सकता है। 

भूल जाएं बैंक जाने की दिक्कतें, 1 सितंबर से खुद बैंक आएगा आपके घर , बचत खातों पर भी मिलेगा ज्यादा ब्याज


परिवार कानून में सुधार

परिवार कानून में सुधार पर अपने परामर्श पत्र में आयोग ने कहा, 'अगर बालिग होने की 18 साल की उम्र को कानूनी मान्यता दी हुई है, जिसके तहत उन्हें अपनी सरकारें चुनने का भी अधिकार है तो उसे अपना जीवन साथी चुनने लिए भी इस उम्र में ही सक्षम माना जाए। बालिग होने की उम्र (18 साल) को भारतीय बालिग अधिनियम 1875 के तहत महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए शादी की कानूनी उम्र के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।

अब जल्द ही आप पी सकेंगे कोकाकोला की ‘काॅफी’, कंपनी ने कोस्टा को 5.1 अरब डाॅलर में खरीदा

पति-पत्नी की उम्र में अंतर का आधार नहीं

आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि पति और पत्नी के लिए उम्र में अंतर का कोई कानूनी आधार नहीं है क्योंकि शादी कर रहे दोनों लोग हर तरह से बराबर हैं और उनकी साझेदारी बराबर वालों के बीच वाली होनी चाहिए। इस दौरान आयोग ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि पति-पत्नी की उम्र में अंतर पुरानी रूढ़िवादी बेकार बातों को बढ़ावा देने जैसा है।  

Todays Beets: