Thursday, June 24, 2021

Breaking News

   राम मंदिर ट्रस्ट में भी उठे जमीन खरीद पर सवाल, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट     ||   यूपीः बसपा से बागी हुए 9 विधायक आज अखिलेश यादव से करेंगे मुलाकात     ||   वैक्सीन विवाद पर अखिलेश यादव बोले, पहले यूपी की सारी जनता को लग जाए, फिर मैं लगवा लूंगा     ||   कांग्रेस ने चिराग को दिया न्योता, एमएलसी प्रेम चंद बोले- उनके आने से बिहार में विपक्ष मजबूत होगा     ||   बिहार में कल से एक हफ्ते तक लॉकडाउन में ढील, लेकिन नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा     ||   पाकिस्तान: आपस में दो ट्रेन टकराईं, 30 की मौत, ट्रेन में अभी भी फंसे हुए हैं बहुत से यात्री     ||   उत्तराखंड: सुनगर के पास हुआ भारी भूस्खलन, गंगोत्री हाइवे हुआ बंद, खुलने में लगेगा वक्त     ||   विवादों में आई 'Family Man 2', बैन लगाने के लिए तमिल नेताओं ने Amazon को लिखा पत्र     ||   केरलः पीटी उषा की सीएम विजयन से अपील- सभी खिलाड़ियों, उनके कोच और स्टाफ को वैक्सीनेट किया जाए     ||   इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का दावा, कोरोना की दूसरी लहर में 269 डॉक्टरों ने जान गंवाई     ||

अश्लील सामग्री परोसी तो देना होगा 15 करोड़ का जुर्माना, आईटी एक्ट में होगा बदलाव

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अश्लील सामग्री परोसी तो देना होगा 15 करोड़ का जुर्माना, आईटी एक्ट में होगा बदलाव

नई दिल्ली। अब मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर अश्लील सामग्री देने वालों की खैर नहीं होगी। केन्द्र सरकार ने  सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 में बदलाव की पूरी तैयारी कर ली है। इस नियम के लागू होने पर जहां  मोबाइल ऐप और वेबसाइट की मुसीबतें बढ़ जाएंगी वहीं चाइल्ड पोर्नोग्राफी और फर्जी खबरों को फैलाने वाले ऐप व साइट पर तुरंत कार्रवाई होगी और इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा। हालांकि यह नियम कब से लागू होगा अभी जानकारी नहीं है। बड़ी बात यह है कि नियम का उल्लंघन करने वालों को 15 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। 

गौरतलब है कि कोई भी मोबाइल ऐप या वेबसाइट आईटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा तो उनपर 15 करोड़ जुर्माना या फिर पूरी दुनिया से होने वाली कमाई का 4 फीसदी हिस्सा जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा। वहीं आईटी एक्ट 69ए के तहत सरकार किसी भी वेबसाइट और ऐप को बंद करने का आदेश दे सकती है।


ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा पकाएगी ‘समरसता खिचड़ी’, पिछड़ों को साधने की कोशिश

यहां बता दें कि सरकार के द्वारा पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में साइबर लॉ डिवीजन, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ के एक अधिकारी, गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, अमेजॉन, याहू, ट्विटर, शेयरचैट और सेबी के प्रतिनिधियों शामिल थे। इस अधिनियम के लागू होने के बाद किसी भी मामले पर सोशल मीडिया कंपनियों को सरकार को 72 घंटों के भीतर जानकारी देनी होगी। 

Todays Beets: