Monday, August 26, 2019

Breaking News

   Parle में छंटनी का संकट: मयंक शाह बोले- सरकार से अहसान नहीं मांग रहे     ||   ILFS लोन मामले में MNS प्रमुख राज ठाकरे से ED की पूछताछ    ||   दिल्ली: प्रगति मैदान के पास निर्माणाधीन इमारत में लगी आग    ||   मध्य प्रदेश: टेरर फंडिंग मामले में 5 हिरासत में, जांच जारी     ||   जिन्होंने 72 हजार देने का वादा किया था, वे 72 सीटें भी नहीं जीत पाए : मोदी     ||   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को दिन में 11 बजे करेंगे मन की बात     ||   कोलकाता के पूर्व मेयर और TMC विधायक शोभन चटर्जी, बैसाखी बनर्जी BJP में शामिल     ||   गुजरात में बड़ा हमला कर सकते हैं आतंकी, सुरक्षा एजेंसियों का राज्य पुलिस को अलर्ट     ||   अयोध्या केस: मध्यस्थता की कोशिश खत्म, कल सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई     ||   पोंजी घोटाला: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी मंसूर खान     ||

अश्लील सामग्री परोसी तो देना होगा 15 करोड़ का जुर्माना, आईटी एक्ट में होगा बदलाव

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अश्लील सामग्री परोसी तो देना होगा 15 करोड़ का जुर्माना, आईटी एक्ट में होगा बदलाव

नई दिल्ली। अब मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर अश्लील सामग्री देने वालों की खैर नहीं होगी। केन्द्र सरकार ने  सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 में बदलाव की पूरी तैयारी कर ली है। इस नियम के लागू होने पर जहां  मोबाइल ऐप और वेबसाइट की मुसीबतें बढ़ जाएंगी वहीं चाइल्ड पोर्नोग्राफी और फर्जी खबरों को फैलाने वाले ऐप व साइट पर तुरंत कार्रवाई होगी और इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा। हालांकि यह नियम कब से लागू होगा अभी जानकारी नहीं है। बड़ी बात यह है कि नियम का उल्लंघन करने वालों को 15 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। 

गौरतलब है कि कोई भी मोबाइल ऐप या वेबसाइट आईटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा तो उनपर 15 करोड़ जुर्माना या फिर पूरी दुनिया से होने वाली कमाई का 4 फीसदी हिस्सा जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा। वहीं आईटी एक्ट 69ए के तहत सरकार किसी भी वेबसाइट और ऐप को बंद करने का आदेश दे सकती है।


ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा पकाएगी ‘समरसता खिचड़ी’, पिछड़ों को साधने की कोशिश

यहां बता दें कि सरकार के द्वारा पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में साइबर लॉ डिवीजन, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ के एक अधिकारी, गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, अमेजॉन, याहू, ट्विटर, शेयरचैट और सेबी के प्रतिनिधियों शामिल थे। इस अधिनियम के लागू होने के बाद किसी भी मामले पर सोशल मीडिया कंपनियों को सरकार को 72 घंटों के भीतर जानकारी देनी होगी। 

Todays Beets: